तोड़ दो समय का पुल
कूद जाओ तुम इस नदी में
रोक ना सकेंगी अब हमें
जहाँ की ये बंदिशें
कर डालो कोई ऐसा काम
इस जिंदगी में
कर सके ना कोई और दूसरा जो
इस सदी में
इस जिंदगी में
कर सके ना कोई और दूसरा जो
इस सदी में
सपने जो टूटे तो
दर्द भी होता है
दर्द को उड़ाया है हमने
बस एक हंसी में
गुज़र गया जो एक बार
वो वक्त लौटता नहीं है
सोचा है जो कर डाल
मेरे यार तू ही सही है
मेरे यार तू ही सही है
दिल अगर सच्चा है
किसी से हम क्यों डरें
दिल जो कहता है
बस हम वही करें ....

3 टिप्पणियां:
बह चला जिंदगी की धारा संग,
रुककर पार पाना ज़रा कठिन हो गया...
बेहतरीन "अति उत्तम"
बाबा जी आपका धन्यवाद
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